दीपावली के लिए बाजारों में "आकाशदीप" से रौनक


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नागपुर : दीपावली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, दीपावली की रात्रि को घरों तथा दुकानों पर भारी संख्या में दीपक, और बल्ब जलाए जाते हैं साथ ही दिवाली में आकाशदीप का एक महत्वपूर्ण स्थान है, जो की लोग घरो के ऊपर दिवाली के पहले दिन से ही लगाते है । दीपावली को मात्र कुछ ही दिन बचे है बाजारों में जगह जगह आकाशदिप की दुकानों से रौनक आने लगी है, पिछले साल के मुकाबले इस साल आकाशदिप के दाम में डाढोत्तरी दिख रही है I

इस वर्ष ५० रुपये से लेकर १२०० रुपये तक के आकाशदिप बाजारों में उपलब्ध है, जिसकी खरीदारी लोग कर रहे है I नागपुर के महल, इतवारी, गांधीबाग, धरमपेठ, गोकुलपेठ, सककरदारा, कमाल चौक, जरीपटका आदि क्षेत्र के बाजारों में लोग दिवाली की खरीदारी के साथ आकाशदीप भी खरीद रहे है I प्राचीन काल से दीपावली भारत के त्योहारों में अपना विशिष्ट स्थान रखती है। इस दिन लक्ष्मी के पूजन का विशेष विधान किया जाता है । रात्रि के समय प्रत्येक घर में धनधान्य की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मीजी, विघ्न-विनाशक गणेश जी और विद्या एवं कला की देवी मातेश्वरी सरस्वती देवी की पूजा-आराधना की जाती है।

ब्रह्मपुराण के अनुसार कार्तिक अमावस्या की इस अंधेरी रात्रि अर्थात अर्धरात्रि में महालक्ष्मी स्वयं भूलोक में आती हैं और प्रत्येक सद्गृहस्थ के घर में विचरण करती हैं। जो घर हर प्रकार से स्वच्छ, शुद्ध और सुंदर तरीक़े से सुसज्जित और प्रकाशयुक्त होता है वहां अंश रूप में ठहर जाती हैं। इसलिए इस दिन घर और बाहर के परिसर को ख़ूब साफ-सुथरा करके सजाया-संवारा जाता है, दीपावली मनाने से लक्ष्मीजी प्रसन्न होकर स्थायी रूप से सद्गृहस्थों के घर निवास करती हैं I 



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