नियमित स्वस्थ परिक्षण से रखे स्तन कैंसर को दूर - डॉ. सुशील मानधनिया


  • नियमित स्वस्थ परिक्षण से रखे स्तन कैंसर को दूर - डॉ. सुशील मानधनिया
    नियमित स्वस्थ परिक्षण से रखे स्तन कैंसर को दूर - डॉ. सुशील मानधनिया
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नागपुर :- स्तन कैंसर, दुनियाभर में महीलाओं की कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है I  सर्वे के अनुसार भारत में 22 में से 1 महिला के अपने जीवन-काल के दौरान स्तन कैंसर से पीड़ित होने की संभावना है I जब की अमेरिका में सर्वे के नुसार यह आकड़ा निश्चित रूप से अधिक है, जहाँ 8 में से 1 महिला के लिए अपने जीवन-काल में स्तन कैंसर विकसित होने की संभावना रहती है । वही भारत में स्तन कैंसर गाँवों की तुलना में शहरी आबादी में अधिक होते है I लोगो को स्तन कैंसर से पीड़ित होने की मुख्य वजह स्तन की सामान्य कोशिकाएं परिवर्तित होती है और नियंत्रण से बाहर हो जाती है । स्तन कैंसर पुरुषों की तुलना में महीलाओं में अधिक होता है । किन्तु पुरुषों को भी ये रोग हो सकता है । कुछ जोखिम कारणों वाली महीलाओं में औरों की तुलना में स्तन कैंसर विकसित होने की संभावना अधिक रहती है ।

बढते उम्र के साथ स्तन कैंसर होने की संभावना अधिक होती है अधिकाँश महिलाओ में 60 साल के उम्र के बाद यह रोग देखने मिलती है I एक स्तन में कैंसर होने के बाद दूसरे स्तन में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है I उन महिलाओ को यह बिमारी होने की संभावना ज्यादा होती है जिनके परिवार में इस रोग से पीड़ित कोई होते है I यह रोग 5 से 10 प्रतिशत मामलों में आनुवांशिक पाया जाता है जो की माता या पिता से विरासत में मिलता है I अधिक घने स्तन ऊतक वाली महिलाओ को साथ ही जिन महिलाओ ने किसी अन्य कैंसर के उपचार के रूप में वक्ष स्थल की विकिरण थेरेपी करवाई हो ,उन्हें स्तन कैंसर का काफ़ी ज़्यादा जोखिम रहता है I जीवन भर शारारिक रूप से निष्क्रिय महिलाओ और अधिक शराब पीनेवाली महिला में यह रोग होने का जोखिम ज्यादा होता है I 

कुछ अध्ययन के अनुसार स्तन-पान कराने से स्तन कैंसर का जोखिम  कुछ हद तक कम हो सकता है विशेष रूप से यदि डेढ़ से दो साल तक स्तन-पान जारी रखा जाए। अमेरिकन कैंसर सोसायटी स्तन कैंसर के निम्मन दिशा - निर्देशों की शिफारिश करती है I 40 साल की उम्र में वार्षिक मैमोग्राम शुरू करते हुए और महिला का स्वास्थ्य जब तक अच्छा हो तब तक जारी रखना, 40 और अधिक उम्र वाली महिलाओ के लिए हर साल नैदानिक स्तन परीक्षण किया जाए, 20 और 30 वषीय महीलाओ के लिये लगभग 3 साल में एक बार नैदानिक स्तन परीक्षण, महिलाओ को जानकारी होनी चाहिए की उनके स्तनों का सामान्य रूप क्या है और वे कैसे महसूस होते है, स्तन में कोई परिवर्तन नज़र आए, तो तुरंत डॉक्टर को सूचित करना चाहिए I 



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